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चीनी के दाम में उछाल, 65 रुपये किलो तक पहुंची कीमत; त्योहारों से पहले बढ़ी चिंता

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नई दिल्ली, 20 अगस्त 2026। देशभर में चीनी की कीमतों में अचानक तेजी से आम लोगों की रसोई का बजट बिगड़ने लगा है। कई बाजारों में खुदरा चीनी का भाव 60 से 65 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। कुछ समय पहले यही चीनी करीब 44–45 रुपये किलो के आसपास बिक रही थी। चीनी की कीमत बढ़ने के पीछे सीमित उपलब्धता, गन्ने की फसल पर मौसम का असर, एथेनॉल उत्पादन के लिए गन्ने का इस्तेमाल और त्योहारों के दौरान बढ़ने वाली मांग प्रमुख कारण बताए जा रहे हैं। अगस्त से नवंबर के बीच त्योहारों के कारण मिठाई और अन्य खाद्य पदार्थों में चीनी की मांग बढ़ती है। बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने बड़े थोक उपभोक्ताओं के चीनी भंडारण पर नई पाबंदी लगाई है। नए नियम के तहत महीने में 10 मीट्रिक टन से अधिक चीनी इस्तेमाल करने वाले बड़े उपभोक्ता अब अधिकतम 15 दिनों की जरूरत के बराबर स्टॉक रख सकेंगे। सरकार बाजार में चीनी की उपलब्धता बढ़ाने के लिए अन्य विकल्पों पर भी विचार कर रही है। आने वाले दिनों में कीमतों पर लोगों की नजर बनी रहेगी।

नए वित्ताधिकारी शैलेश गिरि ने संभाला कार्यभार, वित्तीय पारदर्शिता और संसाधन प्रबंधन को बताया प्राथमिकता*

आजमगढ़, दिनांक 03/06/2026 ,महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय, आजमगढ़ के नव नियुक्त वित्ताधिकारी शैलेश गिरि ने अपना कार्यभार ग्रहण कर लिया। कार्यभार ग्रहण करने के उपरांत उन्होंने विश्वविद्यालय की वित्तीय व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी एवं दक्ष बनाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
शैलेश गिरि ने कहा कि किसी भी विश्वविद्यालय के समग्र विकास में वित्तीय अनुशासन एवं संसाधनों का प्रभावी प्रबंधन अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। उनकी प्राथमिकताओं में वित्तीय प्रबंधन को सुदृढ़ करना, बजट निर्माण एवं संसाधनों का समुचित उपयोग सुनिश्चित करना, आय-व्यय की पारदर्शी व्यवस्था विकसित करना तथा सभी वित्तीय प्रक्रियाओं को शासन एवं विश्वविद्यालय के नियमों के अनुरूप संचालित करना शामिल है।
उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय में डिजिटल वित्तीय प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा, जिससे भुगतान, लेखांकन एवं वित्तीय निगरानी की प्रक्रियाएं सरल, त्वरित एवं पारदर्शी बन सकें। उन्होंने समयबद्ध वेतन एवं अन्य भुगतानों के निस्तारण, ऑडिट संबंधी मामलों के समाधान तथा वित्तीय जवाबदेही को मजबूत करने पर भी विशेष बल दिया।
नव नियुक्त वित्ताधिकारी ने कहा कि विश्वविद्यालय के शैक्षणिक, शोध एवं आधारभूत संरचना विकास के लिए उपलब्ध संसाधनों का सर्वोत्तम उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही, विभिन्न सरकारी योजनाओं, अनुदानों एवं अन्य स्रोतों से वित्तीय संसाधन प्राप्त करने की संभावनाओं पर भी कार्य किया जाएगा, ताकि विश्वविद्यालय की विकास योजनाओं को नई गति मिल सके।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने विश्वास व्यक्त किया है कि शैलेश गिरि के अनुभव, प्रशासनिक दक्षता एवं वित्तीय प्रबंधन कौशल से विश्वविद्यालय की वित्तीय व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी तथा संस्थान के विकास को नई दिशा प्राप्त होगी| इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजीव कुमार , जग नारायण झा (निर्वतमान वित्ताधिकारी का अतिरिक्त प्रभार),परीक्षा नियंत्रक आनंद मौर्या और सहायक कुलसचिव डॉ.महेश कुमार श्रीवास्तव मौजूद रहे |

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